मंगलवार, 15 नवंबर 2016
शुक्रवार, 4 नवंबर 2016
यही कड़वा सच है ...

#
सच सुनने की ख़्वाइश रखते तो हैं
लेकिन ...
झूठ के बड़े वाले समर्थक हो गये हैं
यही कड़वा सच है ...
आज ...
सुबहा की ही बात है , मैंने दूधिये से कहा ...
आजकल दूध में पानी ज्यादा होता है
दूधिया मुस्कुरा कर बोला ...
60/- रूपये में और क्या जान लोगे दूधिये की
मैंने उसकी तरफ देखा ... और बडबडाया
तुम्हारी बात भी सही है
बात कुछ नहीं है ...
और है भी बहुत कुछ ...
सच से ऑंखें फेरनी सीखली हम सभी ,
झूठ के बड़े वाले समर्थक हो गये हैं
यही कड़वा सच है ...
कल ...
सब्ज़ी बाज़ार में खीरे वाले से पूछ बैठा
खीरे देसी या जर्सी
वह चिढ़कर बोला ... मीठे हैं
देसी कड़वे खीरे कौन खाता है आजकल
मैंने उसकी तरफ देखा ... मुस्कुराया और बुदबुदाया
तुम्हारी बात भी सही है
स्वाद के नाम कैमिकल सटकाने लगे हैं
ज़हर का चटकारा लगाने लगे हैं
तुम भी चुप हो मैं भी चुप हूँ
तुम खुश हो मैं भी खुश हूँ
इस नकली झूठे मुख़ौटे के साथ में
सच पूछो तो ,
झूठ के बड़े वाले समर्थक हो गये हैं
यही कड़वा सच है ...
सच हज़म होता नहीं , हाजमें की बात करते हैं
घी मक्ख़न में मुश्क बताकर , पैकिट का डकारते हैं
भुलाकर नीम पीपल बरगद , चिंता पर्यावरण की करते हैं
डालकर नदियों में फैक्टरियों का कचरा , प्रदूषण की बात करते हैं
आओ सब मिलकर सेहत खराब करते हैं
कोई बात नहीं ...
चलो फिर से ...
हम ना बदलेंगें ये हमने सोचा है
ना तुम बदलना मैं बदलूंगा
झूठ को बुरा भला कहते रहेंगे
सच्चाई को दबाते भुलाते रहेंगे
फिकर करने वाली कोई बात नहीं है
झूठ के बड़े वाले समर्थक हो गये हैं
यही कड़वा सच है ...
#सारस्वत
04112016
सोमवार, 5 सितंबर 2016
गुरु दीक्षा से दीक्षित शिष्य ...
#
मानव के जीवन में गुरु का क्या महत्व होता हैं
यह किसी से भी छुपा हुआ नही हैं
किसी भी मनुष्य की प्रथम शिक्षक उसकी माता होती है
गुरु उस कुम्हार की तरह होता है
जो चाक पर लाठी घुमाकर कच्ची मिट्टी से
घड़े और दीपक दोनों को तैयार करता हैं
दीक्षा से दीक्षित शिष्य उन्नति पथ को प्राप्त करे
गुरु की सफलता इसी में निहित है
गुरु वचनों को आत्मसात करने वाला शिष्य ही
प्यासे को पानी अन्धकार को उजाला प्रदान करता हैं.
स्वस्थ समाज ही स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण कर सकता हैं
स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए उसका शिक्षित होना बहुत जरूरी हैं
#छात्र के जीवन में गुरू का क्या महत्व होता है
यह हम भीमराव अंबेडकर के जीवनचक्र के
प्रारम्भिक चरण को देखकर बखूबी समझ सकते हैं
डॉ भीमराव बचपन में भीमराव सकपाल महार थे
लेकिन एक ब्राह्मण शिक्षक महादेव अंबेडकर ने
न केवल उन्हें शिक्षा दी बल्कि दीक्षा में अपनी जाति का नाम दान भी दिया
भीमराव सकपाल के गुरू महादेव अम्बेडकर ने उन्हें
अपना गोत्र प्रदान करते हुए शूद्र से ब्राह्मण बना दिया
और डॉ भीमराव सकपाल डॉ भीमराव अम्बेडकर हो गये
आज शिक्षक दिवस पर मैं
भारत के संविधान लेखक डॉ भीमराव अंबेडकर के गुरु को नमन करता हूँ
जिन्होंने भारतीय परंपरा के उच्च आदर्शों पर चलते हुए
देशहित में एक आदर्श शिक्षक का उदाहरण प्रस्तुत किया
और समाज को डॉ भीमराव जैसा मेधावी छात्र दिया
#सारस्वत
05092016
मानव के जीवन में गुरु का क्या महत्व होता हैं
यह किसी से भी छुपा हुआ नही हैं
किसी भी मनुष्य की प्रथम शिक्षक उसकी माता होती है
गुरु उस कुम्हार की तरह होता है
जो चाक पर लाठी घुमाकर कच्ची मिट्टी से
घड़े और दीपक दोनों को तैयार करता हैं
दीक्षा से दीक्षित शिष्य उन्नति पथ को प्राप्त करे
गुरु की सफलता इसी में निहित है
गुरु वचनों को आत्मसात करने वाला शिष्य ही
प्यासे को पानी अन्धकार को उजाला प्रदान करता हैं.
स्वस्थ समाज ही स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण कर सकता हैं
स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए उसका शिक्षित होना बहुत जरूरी हैं
#छात्र के जीवन में गुरू का क्या महत्व होता है
यह हम भीमराव अंबेडकर के जीवनचक्र के
प्रारम्भिक चरण को देखकर बखूबी समझ सकते हैं
डॉ भीमराव बचपन में भीमराव सकपाल महार थे
लेकिन एक ब्राह्मण शिक्षक महादेव अंबेडकर ने
न केवल उन्हें शिक्षा दी बल्कि दीक्षा में अपनी जाति का नाम दान भी दिया
भीमराव सकपाल के गुरू महादेव अम्बेडकर ने उन्हें
अपना गोत्र प्रदान करते हुए शूद्र से ब्राह्मण बना दिया
और डॉ भीमराव सकपाल डॉ भीमराव अम्बेडकर हो गये
आज शिक्षक दिवस पर मैं
भारत के संविधान लेखक डॉ भीमराव अंबेडकर के गुरु को नमन करता हूँ
जिन्होंने भारतीय परंपरा के उच्च आदर्शों पर चलते हुए
देशहित में एक आदर्श शिक्षक का उदाहरण प्रस्तुत किया
और समाज को डॉ भीमराव जैसा मेधावी छात्र दिया
#सारस्वत
05092016
सोमवार, 15 अगस्त 2016
जश्नेआज़ादी पर ...
#जश्नेआज़ादी मनाने वालो
बस इतना बतला दो तुम
कितने हुये आज़ाद हो तुम
कितना बताया जाता है
जनगणमन का अधिनायक
भारत का भाग्य विधाता है
भारतमाँ को पिता बताकर
गीत राष्ट्रीय गाया जाता है
चतुरंगी है राष्ट्र पताका
तिरंगा सब को बताता हूँ
मिली खड्ग बिना ढाल आज़ादी
झूठ घुट्टी में पढ़ाया जाता है
कहने में अच्छा लगता है
सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुस्तां हमारा
लेकिन सुनने को मिलता है
देश साम्प्रदायिक बनता जाता है
कुछ मुस्लिम को कह दूँ तो
सौ मुस्लिम चिल्लाते हैं
मैं गौरक्षा की बात करूँ तो
हिन्दू गुंडा बतलाया जाता है
सोने की चिड़िया सोने की लंका
जैसे होते रोज़ घोटाले है
जनगणमन कुछ मांगे तो
घण्टा बजाया जाता है
जयहिंद जय भारत
मादरेवतन हिंदुस्तान
वन्देमातरम
#सारस्वत
15082016
मंगलवार, 9 अगस्त 2016
उम्मीद ...
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उम्मीद पर जिंदा है यह दुनिया सारी
उम्मीद से बड़ी शह ... कोई चीज़ नहीं है
#
मरता है रोज़ आदमी यहां दिन एक बार
जी उठता है फिर से नई उम्मीद के साथ
मुझे उसका पता बताए कोई ... जो कहता हो
नई सुबह का सूरज उम्मीद नहीं है
उम्मीद पर जिंदा है ...
#
रास्ते बंद हो जायें सब , जब जीने के वास्ते
खुलता एक रास्ता तब भी , उसी बंदिश के रास्ते
झूठे हैं वो सभी ... जो कहते हैं दुनियां से
दोस्ती का मतलब ... उम्मीद नहीं है
उम्मीद पर जिंदा है ...
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ज़रूरी नहीं जो चाहो ,वो सब कुछ मिले तुझे
जो नसीब में नहीं तेरे , परमेश्वर कैसे दे तुझे
मैं हूँ अगर गलत 'तो, कर साबित गलत मुझे
क्या परमात्मा के नाम में ... उम्मीद नहीं है
उम्मीद पर जिंदा है ...
#
छू कर जाये ग़म कोई 'तो, दुनिया ख़त्म नहीं होती
उम्मीद पर क़ायम है दुनियां , वरना उम्मीद नहीं होती
समय की धारा को 'खुद, वक़्त भी कोई बदल नहीं सकता
मत कहना किसीसे उजाले का आना ... उम्मीद नहीं है
उम्मीद पर जिंदा है ...
#सारस्वत
09082016
शिद्दत से जिस को चाहा ...
#
अर्ज़ी भी तेरी ' यहां ,मुकद्दमा भी तेरा
गवाही भी तेरी ' और , फैंसला भी तेरा
मरना गर है किसीका , तो चाहत का है
शिद्दत से जिस को चाहा , है इस दिल ने
निकला है आख़िर ... , वो दिल भी तेरा
जिस भी तरहा से कहे .... तुझ से दिल
कर निकाल बाहर ... दिलबर दिल से दिल ,
मुकद्दर का वहां ... उठने वाला कुछ नहीं है
जहाँ ... मर्ज़ी भी तेरी ' और , दिल भी तेरा
मुझको पता नहीं है , अलिफ़ बे कुछ भी
इल्मे मोहब्बत के , रिवाजों के बारे में ,
तू ही बता करके इशारा जो कुछ तुझे पता
यहां,मैं भी तेरा ' और , मेरा दिल भी तेरा
दुनियां की परवाह किसे है , ज़रा मुझको बता तू आज
परवाह दुनियां की दुनियां को नहीं , क्या तुझको नहीं पता
जहाँ तलक निभ सके निभा , दस्तूर यही कहता है
फिर दिल गैर थोड़े ही है ' ये , दिल भी तेरा
#सारस्वत
0802016
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