मंगलवार, 29 अक्टूबर 2019

#शुभमंगल #भैयादूज!!


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बचपन में अगर 
आपने अपने छोटे होने की 
कभी किसी से कोई शिकायत नहीं की 
बचपन में अगर 
किसी बड़े से आपका 
कभी भी कहीं कोई झगड़ा नहीं हुआ 
मेरी पेंसिल मेरा बैग 
वाली लड़ाई अगर नहीं हुई 
आपकी किसीसे अपने ही घर में कभी 
मेरे कपड़े तुमसे अच्छे 
ऐसा बोल कर यदि किसी को 
चिढ़ाया नहीं तुमने कभी बचपन में 
छुटपन में 
मंदिर से लाये थे तुमको 
एकदम चूनासा छोटा सा था तू
चाहो तो 
मम्मी से पुछ लो 
चिढ़ाने को यदि नहीं कहा किसीने 
यक़ीनन 
आपका नाम भी 
तब उन्हीं लोगों में शामिल है ,
जो  
छोटा भाई बहन होने के 
सुख से वंचित रह गए शायद ... 
#सारस्वत 28102019

शनिवार, 31 अगस्त 2019

कभी पेड़ों पर हुआ करते थे हमारे घोसले ...


चहकते फिरते थे कभी अब बेघर बंजारे हैं 
कभी पेड़ों पर हुआ करते थे हमारे घोसले 
कंक्रीट के जंगल को विकास कहती है दुनियां 
खा गए हरियाली को तरक़्क़ी के ढकोसले 
कच्चे घरों के तापमान में परिवार रहता था 
मकान पक्के हुए तो रिश्त हो गए खोखले  
तुमने कमी नहीं छोड़ी हमने जीना नहीं छोड़ा
बनावटी हो गए तुम हम हिम्मत के हौसले 
कभी पेड़ों पर हुआ करते थे  ... 
#सारस्वत 
31082019 

शनिवार, 24 अगस्त 2019

सनातन सुदर्शन साक्षी


नंद का पाला है यशोदा का लाला है कृष्ण 
वसु का बेटा देवकी का दुलारा है कृष्ण 
मनमोहन है माधव है मुरलीमनोहर है 
गोविन्द है गिरधर है गोपाला है कृष्ण 

सेवक भी राजा भी 
शिष्य भी प्रार्थी भी 
पंच भी परमेश्वर भी 
सहायक भी सारथि भी 
क्या नहीं है कृष्ण सबकुछ तो है कृष्ण 
सोलह कलाओं में पूर्ण सम्पूर्ण है कृष्ण 

भाव में प्रभाव में 
आभाव में संभव में 
न्याय में आस्था में 
प्रेम की परकाष्ठा में 
कहां नहीं है कृष्ण सब जगह तो है कृष्ण 
अर्पण में तर्पण में समर्पण में है कृष्ण 

दर्शन से श्रंगार तक 
निति से ज्ञान तक 
शास्त्र से शस्त्र तक 
ध्यान से प्रमाण तक 
जीवनजन्म सुखशांति आधार है कृष्ण 
धर्म स्थापनार्थ अद्भुद गीताज्ञान है कृष्ण 

प्रसार है कृष्ण 
प्रगति है कृष्ण 
समृद्धि है कृष्ण 
प्रार्थना है कृष्ण 
कल्याण है कृष्ण 
अच्चुतम है केशव है दामोदर है बल्लभ है 
राम भी है कृष्ण नमो नारायण भी है कृष्ण 

#सारस्वत 
24082019 

शुक्रवार, 9 अगस्त 2019

जलधारा ... प्रियतम ... मिलन ...

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पहले 
चंचल उच्छल 
जलधारा सी बहती थी  ‼️
प्रियतम 
मिलन की आस लिए   
अविरल चलती रहती थी ‼️
इठलाती थी 
जो बलखाती थी 
मन उसका यूँ तृप्त हुआ ‼️
व्यक्त हुआ 
जब मेल हुआ  
और सरिता सागर हो गई ‼️
#सारस्वत 
10082019 

बुधवार, 31 जुलाई 2019

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आज फिर से लहराया है... 
उसने;
पर्दों को, दरवाजे पर 
चश्में चिरागों से, रोशन होंगी...
खिड़कियाँ;
आज फिर... देर रात तक 
और ;
कोई होगा,
... जो ...
दूर से देखकर, करेगा एहसास 
ओम के, 
प्रकाश के गुंजन की, थिरकन को 
#सारस्वत 
31072019

शुक्रवार, 21 जून 2019

योग दिवस ...

  
वो बचपन की पढ़ाई ,
हम जिस से अक्सर घबराया करते थे 
यह उस समय की बात है ,
जब हम भी स्कूल जाया करते थे 
गणित के चार सवाल ,
गुणा भाग घटा योग भूल जाया करते थे 
फिर योग से योग तक ,
मास्टर जी सब याद दिलाया करते थे 
तख्ती कलम दवात , 
गुजरा हुआ ज़माना आजभी याद आता है 
तुम क्या मुकाबला करोगे ,   
साल में एक दिन योग दिवस मनाते हो 
वो भी क्या दिन थे ,
योग दिवस जब हम रोज़ मनाया करते थे 
#सारस्वत 
21062019 

रविवार, 2 जून 2019

वाह जिंदगी ...


किस्सा ये पुराना है 
सबको ही सुनना है 
गुजरा जिधर बचपन 
फिर से दोहराना है 
वहीं का ख्याल वहीं का जूनून 
वही एक तलब वही एक सुकून 
लब्ज़ों की गठरी है 
हसरतों की निशानियां 
करीब से दूर तलक 
शैदाई जिन्दगानियाँ 
बस 
खुद को भूल जाना है 
फिर से दोहराना है ,
 किस्सा ये पुराना है 
लम्हा दर लम्हा हुआ असर का असर 
यक़ीन के यक़ीन पे थी नज़र की नज़र 
वो झोंका हवा का 
जहाँ से भी गुजरा 
ठहर गया मौसम 
खिल उठे बदरा 
उन्हीं 
सपनो से गुजरना है 
फिर से दोहराना है 
किस्सा ये पुराना है 
बहुत कुछ कहना था बहुत कुछ सुनना था 
लड़ना था झगड़ना था मिलना मिलाना था 
खुद से छुपा ना सका 
खुद को ही बता ना पाया 
खुशियां दबाता आया 
यादों से निकल ना पाया 
अब 
हकीकत से गुजरना है 
फिर से दोहराना है 
किस्सा ये पुराना है 
#सारस्वत 
02062019