शुक्रवार, 20 मार्च 2020

निर्भया ...



उस काली रात के बाद  ...
आज आखिर सुबह हो गयी
देर से ही सही...
निर्भया को न्याय मिल ही गया
सभी ने आंसू पोंचे ...
मैलोडी कानून का शुक्र मनाया 
और कहने लगे ...
भगवान के घर देर है मगर अंधेर नहीं है
उसने भी सुकून की सांस ली 
और चैनल को बदलकर गाना सुनने लगा 
तू घंटा लेकर जाएगा
अपना टाइम आएगा अपना टाइम आएगा
सालो के तनाव के बाद
आज वह भी बहुत खुश नज़र आ रहा था
शायद इसीलिए 
आज वह जल्दी से रोज़ग़ार पर बैठ गया था 
फ्रॉक सिलने लिये
कलर मैच धागा मशीन पर चढ़ाने के बाद
एकनज़र आईने में खुद को देखा
एक ठंडी आह भरी
फिरसे बुदबुदाने लगा अपना टाइम आएगा
और फिर ... 
सिलाई मशीन की आवाज़ कहकहे में बदल गई
#सारस्वत 20032020 

गुरुवार, 5 मार्च 2020

बोलो शारारारा ‼



#
फर्राटे भर ...
गई फरवरी , मारच की अब है बारी
यहां दहीं भल्ले ...
भांग पकोड़ी गुंजियों की सब तैयारी
खट्टी मिट्ठी तीखी मिर्ची ...
पोरी पोरी ' नैन कटोरी चटकारे सी प्यारी
अरे ,
तू भी आजा
यार शामली भर रंग की पिचकारी
बोलो शारारारा ... बोलो बोलो शारारारा ,
बोलो शारारारा 
मौसम मस्त महीना फागुन ..
नीलापिला हरागुलाबी रंग सब फागुनी होली
जान लगाके जान लडाले ...
भरम भरम में चैन चुरवे रंग बरसावे बोली
नगर नगाड़े ढोल ढमक्के
करैं नैन मटक्के चलती भर भर टोली
बलम संग ,.
साजन सज्जन तग्गन फग्गन सब खेलैगें होली
बोलो शारारारा ... बोलो बोलो शारारारा ,
बोलो शारारारा 

सभी को होली महापर्व की
अग्रिम बधाई शुभकामनाये 🌸🌸🌸

गुरुवार, 6 फ़रवरी 2020

देव दर्शन

Image may contain: 2 people, people smiling, possible text that says 'शुभदिनसुन्दरहो सारस्वत वह परमेश्वर थे जिन कंधों पर देव दर्शन हम करते थे वही परमेश्वर थे जिन कंधों पर हम बैठकर दर्शन करते थे धरती के साक्षात महादेव पिता को समर्पित हरहरमहादेव'#
बचपन था हम छोटे थे
मनके सच्चे हम बच्चे होते थे
तब भीड़ बड़ी सारी होती थी
जब मंदिर दर्शन को जाते थे
हम बच्चे छोटे से होते थे
घुटनों तक पिताजी के आते थे
चढ़ पिता के कंधों पर ,तब'
देव दर्शन हम करते थे
वो भुलाबिसरा बचपन का पल
नहीं किंचित भी तब भान हुआ
किन कन्धों पर हम होते थे
जब जयकारे हम करते थे
वही ईश्वर थे , परमेश्वर थे
चढ़ जिन कंधों पर
देव दर्शन हम करते थे
वही परमेश्वर थे जिन कंधों पर
हम बैठ के दर्शन करते थे
धरती के साक्षात महादेव
पिता को समर्पित
हरहरमहादेव
#सारस्वत 06022020

शुक्रवार, 31 जनवरी 2020


आस है एहसास है
जीवन का विश्वाश है ख़ुशी
खुशी का मोल नहीं
जीवन की प्यास है खुशी
मिल जाय तो
बिना माँगे मोती सी मिल जाये
ना मिले तो
लाखों में भी ना मिल पाये  खुशी
खुशी का कहीं कोई
घर दर ठिकाना नहीं है
ख़ुशी को गम नहीं
डर नहीं कोई बहाना नहीं है
अपनों से मिले
खुशी तो दो गुनी हो जाती है
मगर ज़रूरी नहीं कोई
ये बेजरूरी भी आती है
पलकों से छलके तो
बारिश में नहा जाती है
आँसुओं में डुबे तो
चेहरे पर उतर आती है
ख़ुशी से मिल कर
खुशनुमा हो जाती है दुनियां
उदासी भी मुस्कुराती है
तन्हाई भी चहक जाती है
#सारस्वत 31012020 

मंगलवार, 26 नवंबर 2019

लक्ष्य ...

#
पड़ाव को जिसने मंजिल समझा है
लक्ष्य उन आंखों से ओझल हुआ है
पड़ाव को जिसने  ...
त्वरित लाभ के किसी मोहजाल में
लिपटा चित्त जिसका वर्तमान में 
आने वाले कल का भान नहीं उसे
वो , सरल नहीं है उलझा हुआ है
पड़ाव को जिसने  ...
अंधियारे से लेकर उजियारे तक
केवट बन चलो नदिया धारे तक
लड़ो क्षणिक जीत के दीर्घ हार से 
दिये की लौ से भी उजाला हुआ है
पड़ाव को जिसने  ...
#सारस्वत
26112019 

मंगलवार, 29 अक्टूबर 2019

#शुभमंगल #भैयादूज!!


#
Image may contain: text
बचपन में अगर 
आपने अपने छोटे होने की 
कभी किसी से कोई शिकायत नहीं की 
बचपन में अगर 
किसी बड़े से आपका 
कभी भी कहीं कोई झगड़ा नहीं हुआ 
मेरी पेंसिल मेरा बैग 
वाली लड़ाई अगर नहीं हुई 
आपकी किसीसे अपने ही घर में कभी 
मेरे कपड़े तुमसे अच्छे 
ऐसा बोल कर यदि किसी को 
चिढ़ाया नहीं तुमने कभी बचपन में 
छुटपन में 
मंदिर से लाये थे तुमको 
एकदम चूनासा छोटा सा था तू
चाहो तो 
मम्मी से पुछ लो 
चिढ़ाने को यदि नहीं कहा किसीने 
यक़ीनन 
आपका नाम भी 
तब उन्हीं लोगों में शामिल है ,
जो  
छोटा भाई बहन होने के 
सुख से वंचित रह गए शायद ... 
#सारस्वत 28102019

शनिवार, 31 अगस्त 2019

कभी पेड़ों पर हुआ करते थे हमारे घोसले ...


चहकते फिरते थे कभी अब बेघर बंजारे हैं 
कभी पेड़ों पर हुआ करते थे हमारे घोसले 
कंक्रीट के जंगल को विकास कहती है दुनियां 
खा गए हरियाली को तरक़्क़ी के ढकोसले 
कच्चे घरों के तापमान में परिवार रहता था 
मकान पक्के हुए तो रिश्त हो गए खोखले  
तुमने कमी नहीं छोड़ी हमने जीना नहीं छोड़ा
बनावटी हो गए तुम हम हिम्मत के हौसले 
कभी पेड़ों पर हुआ करते थे  ... 
#सारस्वत 
31082019