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बुधवार, 4 नवंबर 2015

सच बोल रहे हो ना

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तुम लालची हो क्या  ?
नहीं तो  ...
सच बोल रहे हो  ...
हाँ  ...
फिर ये पुरुस्कार क्यों सजा रक्खा है अलमारी में  ??
ये सम्मान के लिए मिला था  ...
अच्छा !!  … कितना सम्मान मिल रहा है  ???
कुछ नहीं पड़ोसी भी दोगला बताते हैं
बोलो सम्मान चाहिए क्या , नाम के साथ में  ????
हाँ चाहिए तो
तो आजा हमारे साथ में  ... भेज दे वापस ,
पुरुस्कार को दे के तलाक ... देखना फिर ,
अख़बार टीवी सब जगह  ....
होगा तेरा ही जलवा  !!!!
तुम डरते हो क्या ?
नहीं तो
सच बोल रहे हो ना
हाँ
तो बोलते क्यों नहीं ??
क्या
असहिष्णुता
#सारस्वत
04112015